नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर काम करने की आदत ने सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या को तेजी से बढ़ा दिया है। लगातार गलत मुद्रा में बैठने, स्क्रीन पर लंबे समय तक नजरें टिकाए रखने और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। इसके चलते दर्द, अकड़न, भारीपन और कई बार चक्कर आने जैसी परेशानियां भी सामने आती हैं। हालांकि, कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज की मदद से ऑफिस में बैठे-बैठे ही इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।
नेक रोटेशन से कम होगी गर्दन की जकड़न
गर्दन की अकड़न और तनाव को कम करने के लिए नेक रोटेशन एक प्रभावी एक्सरसाइज मानी जाती है। इसे करने के लिए कुर्सी पर सीधा बैठें और धीरे-धीरे गर्दन को दाईं ओर घुमाएं। कुछ सेकंड रुकने के बाद सामान्य स्थिति में लौटें और फिर गर्दन को बाईं ओर मोड़ें। इसके बाद गर्दन को ऊपर और नीचे की दिशा में झुकाएं। इस प्रक्रिया को 5 से 10 बार दोहराने से गर्दन की मांसपेशियों को आराम मिलता है। ध्यान रखें कि गर्दन को झटके से न घुमाएं।
शोल्डर रोल से मिलेगा कंधों को आराम
लगातार टाइपिंग और डेस्क वर्क के कारण कंधों में तनाव और जकड़न बढ़ जाती है। इससे राहत पाने के लिए शोल्डर रोल एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती है। सीधे बैठकर दोनों कंधों को ऊपर उठाएं और गोलाकार गति में पीछे की ओर घुमाएं। इसे 10 बार दोहराएं। इसके बाद विपरीत दिशा में भी 10 बार यही प्रक्रिया करें। इससे कंधों और ऊपरी पीठ का तनाव कम होने में मदद मिलती है।
चिन टक से सुधरेगा गर्दन का पोस्चर
लंबे समय तक स्क्रीन देखने के कारण गर्दन अक्सर आगे की ओर झुक जाती है, जिससे सर्वाइकल की समस्या बढ़ सकती है। चिन टक एक्सरसाइज इस पोस्चर को सुधारने में मदद करती है। इसे करने के लिए सीधे बैठें और सामने देखें। अब ठुड्डी को नीचे झुकाए बिना धीरे-धीरे पीछे की ओर खींचें, जैसे डबल चिन बना रहे हों। 5 सेकंड तक इसी स्थिति में रहने के बाद सामान्य अवस्था में लौट आएं। इस अभ्यास को 10 बार दोहराने से गर्दन की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
लेटरल नेक स्ट्रेच से मिलेगा मांसपेशियों को आराम
गर्दन के दोनों किनारों की मांसपेशियों को आराम देने के लिए लेटरल नेक स्ट्रेच उपयोगी माना जाता है। इसके लिए दाहिने हाथ को सिर के ऊपर ले जाकर बाएं कान के पास रखें और हल्के दबाव के साथ सिर को दाहिने कंधे की ओर झुकाएं। जब तक गर्दन के बाएं हिस्से में हल्का खिंचाव महसूस न हो, तब तक इस स्थिति में 15 सेकंड रुकें। इसके बाद दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएं। इससे गर्दन की मांसपेशियों का तनाव कम होता है और लचीलापन बढ़ता है।
